राष्ट्रीय पुरस्कारों पर बॉलीवुड की मोहर

कल ही राजीव कपूर ने राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कारों की घोषणा की। इन पुरस्कारप्राप्त फिल्मों में कई हिंदी फिल्में है। न्यूटन, टॉयलेट एक प्रेम कथा और मॉम इन फिल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए है।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है। यह पुरस्कार फिल्म समारोहों के निदेशालय द्वारा प्रदान किए जाते हैं। चयन समिति वर्ष में प्रदर्शित सभी फिल्मों में से गौरावपात्र फिल्में चुनी जाती है। ये पुरस्कार नई दिल्ली में माननीय राष्ट्रपति के हस्ते विजेताओं को दिए जाते हैं। पुरस्कार समारोह के बाद ही राष्ट्रीय फिल्म समारोह का आरम्भ होता है, जिसमें राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त सभी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाता है।

प्रादेशिक भाषाओंमें बनाए गए कई अच्छी फिल्मों का गौरव इस राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में होता है। ऐसी फिल्में केवल उसी भाषामें सीमित नही रहती पर वह बहुत अच्छा प्रेक्षकवर्ग और मानसम्मान पाती है। इस साल चयन समिति के अध्यक्ष राजीव कपूर थे। उन्होंने यह घोषणा की थी।

 

२०१८ के राष्ट्रीय पुरस्कारों में सर्वोत्कृष्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार न्यूटन फिल्म को मिला है। राजकुमार राव, अंजली पाटील, रघुबीर यादव और पंकज त्रिपाठी इस फिल्म में नज़र आते है। चुनाव और उससे संबंधित घटनाओं पर आधारित यह फिल्म है। इस फिल्म की निर्मिती दृश्यम फिल्म्स के माध्यम से मनीष मुंद्रा ने की है तो निर्देशन अमित मसूरकर ने किया है। टॉयलेट एक प्रेम कथा के नृत्य निर्देशक गणेश आचार्य को सर्वोत्तम नृत्य निर्देशन का पुरस्कार मिला है। भूमी पेडणेकर और अक्षय कुमार इस फिल्म मव प्रमुख भूमिका में नज़र आते हैं। इस फिल्म ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बांधने के लिए जनजागृति की थी। दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी को सर्वोत्कृष्ट अभिनेत्री का पुरस्कार मिला है। उनकी आखरी फ़िल्म मॉम के लिए उन्हें यह पुरस्कार मिला है। इस फिल्म के पार्श्वसंगीत के लिए ए आर रहमान को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। इनके अलावा दिव्या दत्ता को इरादा के लिए सर्वोत्तम सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार मिला है। विनोद खन्ना को दादासाहेब फालके पुरस्कार घोषित हुआ है।

बॉलीवुड के कई कलाकारों ने पुरस्कार प्राप्त करने के अवसर पर बॉलीवुड में खुशी का माहौल है।